पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन से हुई पूछताछ
दिल्ली के पूर्व मंत्री और आप नेता सत्येंद्र जैन पर जांच एजेंसियों का शिकंजा कसता जा रहा है। दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) द्वारा कुछ सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के विस्तार में कथित भ्रष्टाचार से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष पेश हुए।
आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 60 वर्षीय जैन सुबह करीब 11:15 बजे जांच एजेंसी ईडी के कार्यालय पहुंचे और धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत उनका बयान दर्ज किया जा रहा है।
यह जांच डीजेबी द्वारा कुछ सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के विस्तार में भ्रष्टाचार के आरोपों से संबंधित है। ईडी ने पिछले साल जुलाई में इस मामले में छापेमारी की थी।
मनी लॉन्ड्रिंग की जांच दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) की एक एफआईआर से शुरू हुई है, जिसमें यूरोटेक एनवायरनमेंटल प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी और अन्य के खिलाफ दिल्ली जल बोर्ड में पप्पनकला, निलोठी, नजफगढ़, केशोपुर, कोरोनेशन पिलर, नरेला, रोहिणी और कोंडली में 10 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के विस्तार और उन्नयन के नाम पर घोटाले का आरोप लगाया गया है।
1,943 करोड़ रुपये मूल्य की ये चार निविदाएं अक्टूबर, 2022 में विभिन्न संयुक्त उद्यम (जेवी) संस्थाओं को दी गई थीं। ईडी के अनुसार, एसीबी की एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि चार निविदाओं में केवल तीन जेवी कंपनियों ने भाग लिया था।
ईडी के अनुसार, निविदा दस्तावेजों के सत्यापन से पता चलता है कि चार निविदाओं की प्रारंभिक लागत लगभग 1,546 करोड़ रुपये थी, जिसे उचित प्रक्रिया/परियोजना रिपोर्ट का पालन किए बिना संशोधित कर 1,943 करोड़ रुपये कर दिया गया था।
इंडियन पालिटिक्स डेस्क।