यूपी में बाढ़
उत्तर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है जिससे 24 जिलों के 913 गांव प्रभावित हुए हैं। प्रभावित जिलों में बिजनोर, बहराईच, गोंडा, गोरखपुर, कासगंज, भदोही, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, आगरा, औरैया, चित्रकूट, बलिया, बांदा, गाज़ीपुर, मिर्ज़ापुर, प्रयागराज, वाराणसी, चंदौली, जालौन, कानपुर देहात, हमीरपुर, इटावा और फ़तेहपुर शामिल हैं।
एक सरकारी प्रवक्ता ने कहा, “अब तक 517 घर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और 360 लोगों को आर्थिक सहायता मिल रही है। 33,252 हेक्टेयर से ज़्यादा ज़मीन जलमग्न हो गई है। 1,640 नावों और मोटरबोटों के ज़रिए राहत सामग्री पहुँचाई जा रही है। अब तक 17,924 खाने के पैकेट और 2,47,277 लंच पैकेट बाँटे जा चुके हैं। 40 से ज़्यादा सामुदायिक रसोई में बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।”
इस बीच, राहत और बचाव कार्यों की निगरानी के लिए 11 मंत्रियों का एक दल बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा करता रहा। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज का हवाई सर्वेक्षण किया और बाद में एक राहत शिविर का दौरा किया, जहाँ उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात की। उन्होंने अधिकारियों को भोजन, पेयजल और आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने भदोही में बाढ़ प्रभावित गाँवों का निरीक्षण किया और सीतामढ़ी में 100 से अधिक पीड़ितों को पैकेट सहित राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने पाँच मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये के चेक भी जारी किए।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और विधायक नीलकंठ तिवारी ने वाराणसी में एक राहत शिविर का निरीक्षण किया और प्रभावित निवासियों से बातचीत की तथा उन्हें शीघ्र सरकारी सहायता का आश्वासन दिया।
उद्योग मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने मिर्जापुर में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ के प्रभाव, राहत शिविरों के संचालन और बचाव कार्यों की समीक्षा की।
इंडियन पालिटिक्स न्यूज डेस्क।