बाढ़
उत्तर प्रदेश सरकार ने 43 जिलों को बाढ़ प्रभावित घोषित कर दिया है । गंगा, यमुना, घाघरा और शारदा सहित प्रमुख नदियाँ विभिन्न जिलों में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के 43 जिलों में 1,44,945 हेक्टेयर कृषि भूमि सहित 2,505 गाँव बाढ़ की चपेट में हैं, जिससे 9,29,828 लोग प्रभावित हुए हैं।
राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने कहा कि बाढ़ के कारण विभिन्न जिलों में 639 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और 606 मकान मालिकों को मुआवजा दिया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने 1,376 बाढ़ आश्रय स्थल स्थापित किए हैं और 91,105 बाढ़ पीड़ितों को आश्रय स्थलों में स्थानांतरित किया गया है। सरकार ने राहत और बचाव कार्यों के लिए 3,273 नावें और मोटर बोट भी तैनात की हैं।
हालांकि राज्य भर में लगातार बारिश के कारण लखीमपुर खीरी, सीतापुर, पीलीभीत, बाराबंकी और अन्य जिलों के कई इलाकों में बाढ़ आ गई है, लेकिन नदियों की सफाई के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश के कारण बाढ़ का प्रभाव न्यूनतम रहा है।
इंडियन पालिटिक्स डेस्क।