राष्ट्रीय लोकदल
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दल अपनी तैयारियों में जुटे हुए हैं । एक तरफ़ जहाँ भाजपा अलग अलग कार्यक्रमों और अभियानों के माध्यम से अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने में जुटी है वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) ने भी अपनी चुनावी तैयारियों को अमली जामा पहनाने की क़वायद शुरू कर दी है । इसी क्रम में 16 नवंबर को मथुरा में अपना राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित करने जा रहा है।
How पार्टी के पदाधिकारियों का कहना है कि इस आयोजन में उत्तर प्रदेश भर से 2,000 से अधिक प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद है, जहाँ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की भी घोषणा की जाएगी।
इस अधिवेशन को रालोद की भावी राजनीतिक रणनीति को परिभाषित करने और 2026 के पंचायत और 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले अपने जमीनी संगठन को मज़बूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखा जा रहा है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता, राज्य और ज़िला अध्यक्ष, और युवा, महिला और किसान विंग के प्रतिनिधि पार्टी के रोडमैप पर विस्तृत विचार-विमर्श में भाग लेंगे।
रालोद का हालिया सदस्यता अभियान, जो 14 अप्रैल (अंबेडकर जयंती) से 31 अक्टूबर (सरदार पटेल जयंती) तक चला, पार्टी के इतिहास का सबसे सफल अभियान बताया गया है।
रालोद के प्रदेश अध्यक्ष रामाशीष राय ने इस अधिवेशन को लेकर बताया कि, समाज के सभी वर्गों किसानों, युवाओं, महिलाओं और हाशिए के समुदायों सहित से 65 लाख से ज़्यादा नए सदस्यों को आकर्षित किया है।
उन्होंने बताया कि, “ सम्मेलन के दौरान, पार्टी संगठनात्मक विस्तार, बूथ-स्तर पर मज़बूती और युवाओं की बढ़ती भागीदारी की रणनीतियों पर चर्चा करेगी। नेतृत्व का लक्ष्य पश्चिमी, मध्य, पूर्वी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड में रालोद की उपस्थिति को मज़बूत करने के लिए निर्णायक कदम उठाना है।”
ग़ौरतलब है कि 2026 को “चुनावी वर्ष” घोषित करते हुए, रालोद ने संभाग, ज़िला और ब्लॉक स्तर पर चरणबद्ध कार्यक्रमों की एक श्रृंखला आयोजित करने की योजना बनाई है। इनमें प्रशिक्षण कार्यशालाएँ और संगठन को सक्रिय करने के उद्देश्य से प्रत्यक्ष जनसम्पर्क अभियान शामिल होंगे।
रालोद के सूत्रों की मानें तो सम्मेलन किसानों के कल्याण पर भी केंद्रित होगा और उचित फसल मूल्य निर्धारण, गन्ना किसानों के लिए समर्थन, सिंचाई सुविधाएँ, कृषि सब्सिडी और ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर प्रस्ताव पारित किए जाएँगे।
इंडियन पालिटिक्स न्यूज डेस्क।