बीकानेर
पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए नशे और हथियारों की तस्करी अब सीमावर्ती इलाकों के लिए गंभीर सुरक्षा चुनौती बन चुकी है। वर्ष 2026 के पहले सात महीनों में भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से 69 किलो 808 ग्राम हेरोइन ड्रोन के माध्यम से भारतीय सीमा में पहुंचाई गई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 304 करोड़ रुपए आंकी गई है। ताजा कार्रवाई में खाजूवाला क्षेत्र से 10 किलो हेरोइन, 11 विदेशी पिस्टल और 100 कारतूस बरामद होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे नेटवर्क की जांच तेज कर दी है।
जांच एजेंसियों के अनुसार तस्करी का नेटवर्क अब श्रीगंगानगर जिले के करणपुर, रायसिंहनगर, रावला, हिन्दूमलकोट, केसरीसिंहपुर, जैतसर और बीकानेर के खाजूवाला तक सक्रिय हो चुका है। तस्कर रात के अंधेरे में ड्रोन के जरिए खेतों में हेरोइन और हथियार गिराते हैं, जिन्हें स्थानीय संपर्कों की मदद से आगे सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाया जाता है। पुलिस, बीएसएफ, एनसीबी और सीआईडी की संयुक्त जांच में सामने आया है कि कुछ ग्रामीण युवाओं को पैसों का लालच देकर ड्रोन से गिराई गई खेप उठाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके बाद यह खेप विभिन्न राज्यों में सक्रिय नेटवर्क तक पहुंचाई जाती थी।
नशे के साथ हथियारों की भी घुसपैठ
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ड्रोन के जरिए हेरोइन के साथ विदेशी हथियार भेजने का उद्देश्य केवल तस्करी नहीं, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में संगठित अपराध और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करना भी है। इस कारण ड्रोन आधारित तस्करी को अब 'नार्को-टेरर' के नए स्वरूप के रूप में देखा जा रहा है।
एंटी-ड्रोन सिस्टम पर बढ़ा फोकस
लगातार बढ़ रही ड्रोन गतिविधियों को देखते हुए सीमा पर एंटी-ड्रोन सिस्टम, ड्रोन रडार, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वित कार्रवाई को और मजबूत किया जा रहा है, ताकि सीमा पार से होने वाली ड्रोन ड्रॉपिंग पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
दो मामलों ने बढ़ाई एजेंसियों की चिंता
अप्रैल में पूगल क्षेत्र में सड़क हादसे के बाद एक स्कूटी की डिग्गी से 14 किलो हेरोइन बरामद हुई थी। अब खाजूवाला में 10 किलो हेरोइन और विदेशी हथियारों की बरामदगी ने इस नेटवर्क की गंभीरता उजागर कर दी है। दोनों मामलों में खेप ले जाने वाले आरोपियों का संबंध पाली और जैतारण से सामने आने के बाद पुलिस इन क्षेत्रों पर भी विशेष निगरानी रख रही है।
इस साल ड्रोन ड्रॉपिंग: प्रमुख घटनाक्रम
9 जनवरी: खाजूवाला से 500 ग्राम हेरोइन
10 जनवरी: अनूपगढ़ से 4.008 किलो हेरोइन, 3 गिरफ्तार
11 फरवरी: खाजूवाला से 2.25 किलो हेरोइन
26 फरवरी: खाजूवाला में 5 विदेशी पिस्टल, 325 कारतूस
1 मार्च: रावला से 1 किलो हेरोइन
9 मार्च: रायसिंहनगर से 6.4 किलो हेरोइन
26 मार्च: रावला से 10 किलो हेरोइन, 5 गिरफ्तार
5 अप्रैल: करणपुर से 12.167 किलो हेरोइन
6 अप्रैल: करणपुर से 2.340 किलो हेरोइन
7 अप्रैल: करणपुर से 1.5 किलो हेरोइन
18 अप्रैल: रायसिंहनगर से 759 ग्राम हेरोइन
26 अप्रैल: केसरीसिंहपुर से 1 किलो हेरोइन
27 जून: जैतसर से 10.5 किलो हेरोइन
20 जुलाई: हिन्दूमलकोट से 1 किलो हेरोइन
2 अगस्त: खाजूवाला से 10 किलो हेरोइन, 11 विदेशी पिस्टल
नशे और हथियारों की तस्करी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती
सीमा पार से ड्रोन के जरिए नशे और हथियारों की तस्करी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है। सभी एजेंसियां समन्वय से कार्रवाई कर रही हैं और ड्रोन ड्रॉपिंग नेटवर्क से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
-ओमप्रकाश, पुलिस महानिरीक्षक, बीकानेर रेंज