भागलपुर.
होल्डिंग टैक्स वसूली के साथ-साथ भागलपुर नगर निगम ने अब व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के ट्रेड लाइसेंस को लेकर भी सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। चल रहे 'राजस्व वसूली माह' के तहत निगम प्रशासन ने ट्रेड लाइसेंस जांच अभियान को गति देने के लिए एक विशेष टास्क टीम का गठन किया है।
यह टीम शहर के मुख्य बाजारों और व्यावसायिक इलाकों में जाकर दुकानों के वैध लाइसेंस की भौतिक जांच करेगी। जिन व्यवसायियों ने अब तक लाइसेंस नहीं बनवाया है, उन्हें पहले समझाइश देकर ऑनलाइन आवेदन के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके बाद भी लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम ने सिल्क सिटी के लगभग 50 हजार दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को ट्रेड लाइसेंस के दायरे में लाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक पोर्टल पर 16,405 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 14,708 आवेदनों का सत्यापन कर ट्रेड लाइसेंस जारी कर दिए गए हैं, जबकि 913 आवेदनों में भुगतान की प्रक्रिया चल रही है। इसके अतिरिक्त करीब 8,000 पुराने ट्रेड लाइसेंस नवीनीकरण की प्रत्याशा में लंबित पड़े हैं।
जांच के साथ जागरूक करेगी टास्क टीम
अभियान के दौरान निगम की टास्क टीम दुकानदारों को ऑनलाइन आवेदन करने की सरल प्रक्रिया और ट्रेड लाइसेंस के लाभों से अवगत कराएगी। अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश छोटे-मंझोले व्यवसायी प्रक्रिया की जानकारी के अभाव में लाइसेंस नहीं बनवाते हैं। ऐसे में टीम मौके पर ही मार्गदर्शन प्रदान करेगी। निगम का स्पष्ट उद्देश्य शहर के शत-प्रतिशत कारोबार को औपचारिक दायरे में लाकर नगर निकाय के राजस्व में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करना है।
अब तक 1.42 करोड़ की कमाई, 24 लाख से अधिक प्रक्रियाधीन
ट्रेड लाइसेंस जारी करने के एवज में नगर निगम को अब तक 1.42 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है। इसके अलावा 24.70 लाख रुपये का भुगतान विभिन्न स्तरों पर प्रक्रियाधीन है, जो जल्द ही निगम के खाते में जुड़ जाएगा। निगम अधिकारियों के मुताबिक, विशेष जांच अभियान के गति पकड़ते ही आवेदनों और राजस्व दोनों में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा। सर्वे के आधार पर बिना लाइसेंस संचालित हो रही दुकानों को चिह्नित कर उन्हें समय सीमा के भीतर दस्तावेज दुरुस्त करने का अंतिम मौका दिया जाएगा।