रेवाड़ी
घरेलू गैस सिलिंडर की ई-केवाइसी पूरी करने की 16 अगस्त की डेडलाइन पूरी होने के बाद भी जिले में आधे से ज्यादा गैस कनेक्शन धारकों ने ई-केवाइसी नहीं कराई है। हालांकि गैस कंपनियों की तरफ से यह डेडलाइन बढ़ाकर 23 अगस्त कर दी गई है।
कनेक्शन धारक की मौत हो चुकी तो क्या करें?
अगर फिर भी किसी कनेक्शन धारक ने ई-केवाइसी नहीं कराई तो उसकी ऑनलाइन बुकिंग बंद हो जाएगी। पूरे जिले में करीब 10 हजार ऐसे कनेक्शन हैं, जो या तो मृत लोगों के नाम पर अभी तक चल रहे थे या फिर एक ही परिवार में यानी पति-पत्नी के नाम पर कनेक्शन लिए हुए थे। ऐसे गैस कनेक्शन पर न सिलिंडर मिलेगा और न ही सब्सिडी मिलेगी।
सबसे ज्यादा मुश्किल उन ढाबा, रेहड़ी या फिर श्रमिकों को होगी, जो अभी तक घरेलू गैस सिलिंडर का प्रयोग किसी और के नाम पर कर रहे थे। गैस एजेंसियों के मुताबिक, अगर किसी मृत व्यक्ति के नाम पर गैस कनेक्शन है, तो ऐसे कनेक्शन वारिस होने के कागजात जमा कराकर स्वयं के नाम पर कनेक्शन करा सकते हैं।
दरअसल, जिले में अलग-अलग कंपनियों की 30 गैस एजेंसी हैं, जिन पर 3.25 लाख घरेलू गैस सिलिंडर कनेक्शन धारक हैं। पिछले दिनों हुई सिलिंडर की मारामारी के बाद कंपनियों ने कनेक्शन धारकों की ई-केवाइसी कराने का फैसला किया था। जिससे कि सिलिंडर की कालाबाजारी पर रोक लग सके।
इसका मकसद यह था कि सब्सिडी का लाभ बिचौलियों की बजाय केवल वास्तविक लाभार्थी के बैंक खाते में ही पहुंचे। साथ ही आपूर्ति व्यवस्था में पारदर्शिता लाकर त्योहार या मांग बढ़ने पर होने वाली किल्लत को समाप्त हो सके। सस्ते घरेलू सिलिंडर के व्यावसायिक दुरुपयोग पर लगाम लगाना भी इस जांच का बड़ा हिस्सा है। शुरुआत में जानकारी के अभाव में कम ही लोगों ने ई-केवाइसी कराई, लेकिन अब कार्य में तेजी आई है।
गैस एजेंसियों और डिलीवरी सिस्टम में होगा बदलाव
ई-केवाइसी के बाद गैस प्रणाली में पारदर्शिता आएगी। डिलीवरी कर्मियों के लिए सिस्टम जनरेटेड ओटीपी और बायोमैट्रिक पुष्टि के बिना सिलिंडर सौंपना नामुमकिन होगा। फर्जी बुकिंग बंद होने से एजेंसियों के पास गैस का अतिरिक्त कोटा उपलब्ध होगा, जिससे वैध उपभोक्ताओं को समयावधि सिलिंडर मिल जाएगा।
काफी सारे ऐसे लोगों ने अपने गैस कनेक्शन बंद कराए हैं, जिनमें कनेक्शन धारक की मौत हो चुकी थी। काफी ऐसे भी कनेक्शन है, जो एक ही परिवार में कई सदस्यों के नाम पर है। पति-पत्नी के नाम पर होने वाले गैस कनेक्शन धारक को सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा।
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-प्रवीण चौधरी, संचालक, रेवाड़ी गैस एजेंसी
अगर कनेक्शन धारक की मौत हो चुकी है तो, वारिस जरूरी कागजात जमा कर कनेक्शन अपने नाम करा सकते हैं। किरायेदार या जरूतमंद उपभोक्ता वैध आईडी और पते के कागजात के साथ नया कनेक्शन ले सकते हैं।
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-विकास यादव, फिल्ड ऑफिसर, इंडियन ऑयल