भोपाल
स्कूल शिक्षा विभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं जनजातीय कार्य विभाग के समन्वय और UNFPA के सहयोग से आयुष्मान भारत उमंग स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस कार्यक्रम (SHWP) की राज्य स्तरीय समीक्षा कार्यशाला गुरुवार को भोपाल में हुई।
कार्यशाला में विद्यालयों में किशोरों के स्वास्थ्य एवं समग्र विकास के लिए संचालित कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा के साथ उसके प्रभावी क्रियान्वयन और आगामी रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही जीवन कौशल शिक्षा, पोषण एवं स्वास्थ्य, यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, मनोसामाजिक विकास और लैंगिक समानता जैसे विषयों पर विशेष रूप से चर्चा हुई।
इस अवसर पर अपर मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन दिशा प्रणय नागवंशी, अपर परियोजना संचालक, समग्र शिक्षा अभियान नंदा भलावे कुशरे, उप सचिव, एमपी सारस, जनजातीय कार्य विभाग विनय ठक्कर, संयुक्त संचालक, आरकेएसके, एनएचएम डॉ. शरद तिवारी तथा राज्य कार्यक्रम अधिकारी, UNFPA, मध्यप्रदेश अनुराग सोनवलकर सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रतिभागियों ने विद्यालयों में सुरक्षित, सहयोगात्मक और संवेदनशील वातावरण विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। जहां किशोरों को सही जानकारी, आवश्यक जीवन कौशल तथा उपयुक्त स्वास्थ्य सेवाओं तक सहज पहुंच मिल सके।
कार्यशाला में विभागों के बीच बेहतर समन्वय, अनुभवों के आदान-प्रदान और कार्यक्रम को अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर चर्चा की गई। इस पहल का उद्देश्य किशोरों को स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के साथ उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा सोच-समझकर निर्णय लेने के लिए सशक्त बनाना है।