मुख्यमंत्री योगी
Vidya Shankar Rai
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में राम जी की पैड़ी पर आयोजित 13वें श्री सरयू जयन्ती महोत्सव का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने सरयू जी की आरती तथा पूजा-अर्चना भी की। उल्लेखनीय है कि श्री सरयू जयन्ती महोत्सव 05 से 11 जून, 2025 तक आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन अत्यन्त महत्वपूर्ण है। 500 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद गत वर्ष 22 जनवरी को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कर-कमलां से अयोध्याधाम में भगवान श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। आज गंगा दशहरा के पावन पर्व पर श्रीराम जन्मभूमि में इसकी अग्रिम कड़ी के रूप में श्रीराम दरबार एवं अन्य देवगणों की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ है।
मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेशवासियों एवं सनातन धर्मावलम्बियों को बधाई देते हुए कहा कि आज जो भी अयोध्या आता है, वह अभिभूत होकर जाता है। 10 वर्ष पूर्व जो असम्भव था, आज वह सम्भव हुआ है। अयोध्या के इस वैभव को देखकर लोग आश्चर्यचकित हैं। अयोध्या धाम के नाम पर लोगों के चेहरे पर एक नई चमक देखने को मिलती है। आज प्रदेशवासियों का देश में एवं देशवासियों का दुनिया में लोग स्वागत व अभिनन्दन करते हैं।
उन्होंने ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश, नए भारत का नया उत्तर प्रदेश बन रहा है। यह विकास के नित नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। उत्तर प्रदेश के समग्र विकास की जो रूपरेखा प्रधानमंत्री जी ने तय की थी, वह आज धरातल पर दिखाई दे रही है। राज्य सरकार ने आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता दी है तथा अपराध एवं अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है। आज प्रदेश दंगा एवं अपराध मुक्त है। नौजवानों को रोजगार, महिलाओं को सुरक्षा, व्यापारियों को भय मुक्त वातावरण मिला है। अन्नदाता किसानों के चेहरे पर खुशहाली आयी है। अयोध्या धाम की तर्ज पर उत्तर प्रदेश भी चमकता हुआ दिखाई दे रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माँ गंगा के कारण ही दुनिया की सबसे उर्वर भूमि उत्तर प्रदेश, बिहार, बंगाल एवं झारखण्ड में पायी जाती है। दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक व आध्यात्मिक आयोजन प्रयागराज में माँ गंगा के तट पर होता है। प्रयागराज महाकुम्भ-2025 के जरिए इसका भव्य दर्शन देश और दुनिया ने किया है।
योगी ने कहा कि हम सभी का दायित्व है कि नदियों को गंदा न होने दें, उन्हें अविरल एवं निर्मल रखें। नदियां देश की आत्मा एवं उसकी धमनियां हैं। नदियां रहेंगी, तो धरती माता रहेंगी। धरती माता रहेंगी, तो पर्यावरण रहेगा। पर्यावरण रहेगा, तो जीव-जन्तु की सृष्टि रहेगी। जीव-जन्तु की सृष्टि रहेगी, तो आपदा आपका बाल बांका नहीं कर पाएगी।
इंडियन पॉलिटिक्स।