पाटलिपुत्र
सेटेललाइट टाउनशिप के बीचोबीच 90 मीटर चौड़ी सड़क गुजरेगी। यह उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम चारों दिशाओं में जाएगी। इसे लगी हुई सड़क रिंग रोड कही जाएगी, जो 60 मीटर चौड़ी होगी। नगर विकास विभाग की ओर से शनिवार को टाउनशिप के मास्टर प्लान के प्रारूप की अधिसूचना जारी की गई। पाटलिपुत्र सेटेलाइट टाउनशिप के मास्टर प्लान का प्रारूप जारी होते ही अन्य दस टाउनशिप के मास्टर प्लान का काम भी तेज कर दिया गया है।
नगर विकास विभाग के टाउन प्लानर कमलजीत कुमार शर्मा ने बताया कि एसएच-1, एनएच 31, एनएच 431, एनएच 131-जी भी 60 मीटर चौड़ी होगी। इससे जुड़ी हुई सड़क 45 मीटर और 30 मीटर चौड़ी होगी। टाउनशिप में सर्विस लेन भी होगी। इसके अलावा कोर क्षेत्र के चारों तरफ 45 मीटर चौड़ी सड़क होगी, इसे एमआरटीएस कहा जाएगा। आमस-दरभंगा के किनारे 30 मीटर हरित पट्टी होगी।
शहरी बाढ़ से बचाव को स्पंज सिटी जैसा विकास
पाटलिपुत्र टाउनशिप क्षेत्र में 1976 में बाढ़ आ चुकी है। वहीं, 2019 में इसके पूर्वी इलाके में बाढ़ आई थी। इसे देखते हुए इसे स्पंज सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। बाढ़ से बचाव के भी इंतजाम किए जा रहे हैं। प्राकृतिक पानी के बहाव से छेडछाड़ नहीं की जाएगी। समुद्री तल से सेटेलाइट टाउनशिप की ऊंचाई 46 मीटर से 68 मीटर के बीच है। इसकी ढाल पश्चिम से पूरब की ओर है। टाउनशिप में पेयजल की आपूर्ति के लिए पुनपुन और दरधा नदी के बीच वाले क्षेत्र में रिजरवायर(जलाशय) प्रस्तावित है। इसकी क्षमता 25 बिलियन लीटर की होगी।
आपात स्थिति में 66 लाख आबादी के लिए यह एक माह के लिए पर्याप्त होगा। इसमें गंगा से भी पानी ले जाया जाएगा। नगर विकास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि यह परियोजना विश्वस्तरीय शहरी अवसंरचना, बेहतर कनेक्टिविटी, पर्यावरण-अनुकूल विकास, नागरिक-केंद्रित सुविधाओं, समावेशी एवं सतत शहरी विकास का मॉडल स्थापित करेगी। इससे शहरी और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
ऐसे होगा जमीन का उपयोग
आवासीय : 28723 (35.18%)
वाणिज्यिक : 3246 (3.98%)
सार्वजनिक उपयोग : 3319 (4.07%)
टीओडी क्षेत्र : 5406 (6.62%)
औद्योगिक क्षेत्र : 4651 (5.70%)
मनोरंजन केंद्र : 4774 (5.85%)
परिवहन-संचार : 6237 (7.64%)
जनसुविधा : 359 (0.44%)
जलस्रोत :1814 (2.22%)
ड्रेनेज, कैनाल : 1898 (2.33%)
हरित पट्टी : 36.6 (4.42%)
शहरी कृषि : 17616 (21.57%)
यहां दे सकेंगे आपत्ति या सुझाव
मास्टर प्लान 2047 का प्रारूप विभाग की वेबसाइट पर जारी कर दिया गया है। पटना नगर निगम, पुनपुन और नौबतपुर नगर पंचायत तथा नौबतपुर, पुनपुन, संपतचक, धनरूआ, दनियावां, मसौढ़ी, पटना ग्रामीण, फुलवारीशरीफ के अंचल कार्यालयों से प्रारूप की कॉपी और नक्शा लिया जा सकता है। आपत्ति और सुझाव विभाग के अपर सचिव मनोज कुमार को डाक या कुरियर से भेज सकते हैं। विभाग के ईमेल- udhd@bihar.gov.in पर भी सुझाव भेज सकते हैं।
सार्वजनिक उपयोग वाली जमीन सरकार को देनी होगी
मास्टर प्लान में जमीन का उपयोग तय कर दिया गया है। सार्वजनिक उपयोग यानी सड़क, नाला, पार्क, स्कूल-अस्पताल, थाना आदि के लिए भी जगह तय कर दी है। इनके लिए तय भूमि पर कोई अन्य निर्माण नहीं हो सकता है। ऐसे में शहरी विकास के विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य की परेशानियों से बचने के लिए सार्वजनिक उपयोग वाली जमीन को देखकर ही कोई भूखंड खरीदें। जमीन मालिकों को सार्वजनिक उपयोग वाली जमीन सरकार को ही देनी होगी। वे जमीन बेच सकते हैं या लैंड पुलिंग के जरिए उसके बदले कहीं और जमीन ले सकते हैं।
रैपिड रेल कॉरिडोर के लिए भी जगह
पटना-गया रैपिड रेल कॉरिडोर उत्तर से दक्षिण हिस्से को जोड़ने वाली मुख्य सड़क के पास होगा। यह आईएसबीटी बैरिया से एसएच-1 से जुड़ेगा। एम्स को जोड़ने के लिए भी सड़क बनाई जाएगी।
वर्तमान में 52 हजार मकान बने
अभी पाटलिपुत्र टाउनशिप का इलाका ग्रामीण है। वर्तमान में यहां 890 एकड़ में 52 हजार 910 मकान बने हुए हैं। यहां 2.45 लाख लोग रह रहे हैं। टाउनशिप क्षेत्र में एक रेलवे जंक्शन, तीन स्टेशन, सात हॉल्ट हैं। रेलवे ट्रैक की लंबाई 42.78 किमी है। वर्तमान में यहां 38 पीएचसी, सीएचसी, नर्सिंग होम और क्लीनिक हैं।
1. शैक्षणिक संस्थान
● 2500 की आबादी पर एक नर्सरी या प्री प्राइमरी स्कूल
● 5000 आबादी पर एक प्राइमरी स्कूल
● 7500 आबादी पर सीनियर सेकेंड्री स्कूल
● 90 हजार आबादी पर इंटीग्रेटेड स्कूल
● सवा लाख आबादी पर एक कॉलेज होगा
● 10 लाख आबादी पर एक विश्वविद्यालय
2. स्वास्थ्य सुविधाएं
● 30 हजार आबादी पर पीएचसी
● एक लाख तक आबादी पर नर्सिंग होम
● 2.5 लाख आबादी पर बड़ा अस्पताल