ज्योतिष शास्त्र में साहस, ऊर्जा, भूमि और पराक्रम के कारक ग्रह मंगल का राशि परिवर्तन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. 18 सितंबर को शाम 04:44 बजे मंगल ग्रह मिथुन राशि से निकलकर चंद्रमा की स्वामित्व वाली राशि कर्क में प्रवेश करने जा रहे हैं. मंगल इस नीच राशि में पूरे 56 दिनों तक यानी 12 नवंबर 2026 तक विराजमान रहेंगे.
जल तत्व की राशि (कर्क) में अग्नि तत्व ग्रह (मंगल) का प्रवेश एक उथल-पुथल वाली स्थिति पैदा करता है. इस वजह से कुछ राशियों के लिए यह समय मानसिक तनाव, आर्थिक तंगी और पारिवारिक कलह का कारण बन सकता है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इन 56 दिनों के दौरान 6 राशियों को विशेष सावधान रहने की जरूरत है.
ज्योतिषीय कारण: क्यों भारी पड़ेगा यह गोचर?
नीच अवस्था: कर्क राशि में मंगल सबसे कमजोर यानी नीच अवस्था में होते हैं, जिससे व्यक्ति का आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और शारीरिक ऊर्जा प्रभावित होती है.
अशुभ ग्रहों की दृष्टि व योग: गोचर अवधि में मंगल का शनि के साथ नवम-पंचम योग और राहु के साथ षडाष्टक स्थिति बनेगी, जिससे दुर्घटना, बेवजह के विवाद और धन हानि की आशंका बढ़ जाती है.
इन 6 राशियों को 12 नवंबर तक रहना होगा बेहद सावधान
1. मेष राशि (Aries)
मंगल आपकी राशि के स्वामी होकर चतुर्थ भाव (सुख स्थान) में नीच के रहेंगे.
प्रभाव: सुख-सुविधाओं में कमी, घरेलू तनाव और भूमि-जायदाद से जुड़े विवाद हो सकते हैं.
सावधानी: गुस्से और कुसंगति से बचें . वाहन चलाते समय लापरवाही न बरतें.
2. मिथुन राशि (Gemini)
मंगल का गोचर आपके द्वितीय भाव (धन व वाणी स्थान) में होगा.
प्रभाव: वाणी में कड़वाहट आ सकती है, जिससे बने-बनाये काम बिगड़ सकते हैं . लेन-देन में नुकसान के संकेत हैं.
सावधानी: अपनी बातों पर नियंत्रण रखें, किसी को उधार देने से बचें.
3. सिंह राशि (Leo)
मंगल आपकी राशि के द्वादश भाव (खर्च व हानि स्थान) में गोचर करेंगे.
प्रभाव: बेवजह के खर्च बढ़ेंगे, मानसिक तनाव और घबराहट की स्थिति बन सकती है . काम का बोझ बढ़ेगा.
सावधानी: बजट बनाकर चलें, ऑफिस में सहकर्मियों से बहसबाजी न करें.
4. तुला राशि (Libra)
तुला राशि के दशम भाव (कर्म स्थान) में नीच का मंगल रहेगा.
प्रभाव: कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों या अधिकारियों से मतभेद हो सकता है . नौकरी में उतार-चढ़ाव की स्थिति बन सकती है.
सावधानी: ऑफिस राजनीति से दूर रहें. जल्दबाजी में कोई फैसला न लें.
5. धनु राशि (Sagittarius)
मंगल आपके अष्टम भाव (आयु व संकट स्थान) में गोचर करेंगे.
प्रभाव: स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, विशेषकर रक्तचाप (BP) या दुर्घटना की संभावना बढ़ सकती है.
सावधानी: खान-पान संयमित रखें और वाहन ध्यान से चलाएं.
6. मकर राशि (Capricorn)
मकर राशि के सप्तम भाव (दांपत्य व साझेदारी स्थान) में मंगल का प्रभाव रहेगा.
प्रभाव: वैवाहिक जीवन में तनाव और व्यापारिक साझेदार (Partner) के साथ अनबन हो सकती है.
सावधानी: जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें. बातचीत से विवाद सुलझाएं.
नीच मंगल के दुष्प्रभाव से बचने के अचूक उपाय
अगर आपकी राशि पर मंगल का अशुभ प्रभाव पड़ रहा है, तो 18 सितंबर से 12 नवंबर के बीच ये आसान उपाय करें:
हनुमान जी की उपासना: प्रतिदिन हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें.
मंगलवार का दान: मंगलवार के दिन गुड़, लाल मसूर की दाल या तांबे के बर्तन का दान करें.
हनुमान जी को चोला: मंगलवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर और चोला अर्पित करें या बूंदी का प्रसाद बांटें.
मंत्र जाप: रोज "ॐ क्रां क्रीं क्रों स: भौमाय नम:" मंत्र का 108 बार जाप करें.